गुनाहो का अंत....!

ऑपरेशन थंडर पर भारी सट्टे का सिंडिकेट! एमआईडीसी थाना क्षेत्र में खुलेआम ऑनलाइन सट्टापट्टी, पुलिस की चुप्पी पर सवाल! 

ऑपरेशन थंडर पर भारी सट्टे का सिंडिकेट!
एमआईडीसी थाना क्षेत्र में खुलेआम ऑनलाइन सट्टापट्टी, पुलिस की चुप्पी पर सवाल! 

क्राइम ऑपरेशन- 29 दिसम्बर 25
क्राइम प्रतिनिधि,

• राजीव नगर में बार के बाजू फल-फूल रहा अवैध कारोबार,
• हर 5 मिनट में खुल रहे ऑनलाइन आंकड़े,
• युवाओं की भीड़, पुलिस को सब पता फिर भी कार्रवाई नदारद!

नागपुर पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में चल रहे “ऑपरेशन थंडर” की हकीकत एमआईडीसी पुलिस थाना क्षेत्र में सवालों के घेरे में आ गई है।
जहां एक ओर पुलिस आयुक्त अवैध कारोबार और नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एमआईडीसी थाना क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टापट्टी का अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है।

राजीव नगर मार्ग पर स्थित मथुरा बार एंड रेस्टोरेंट और देशी शराब दुकान से सटकर परदे के पीछे ही नहीं, बल्कि खुलेआम ऑनलाइन सट्टापट्टी का खेल चल रहा है।

क्राइम ऑपरेशन को मिली पुख्ता जानकारी के बाद टीम ने मौके पर स्ट्रिंग ऑपरेशन किया, जहां चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं।

अंदर प्रवेश करते ही युवाओं की भारी भीड़, दोनों ओर ऑनलाइन सिस्टम,
और हर 5 मिनट में ऑनलाइन आंकड़े खोलकर लोगों से खुलेआम सट्टा लगवाया जा रहा था।

यहां 10 रुपये लगाने पर 100 रुपये देने का लालच,
दस के भाव से चल रहा सट्टा,
और नियमों को ताक पर रखकर हर 5 मिनट में आंकड़े खोलकर जनता को सीधे-सीधे चूना लगाया जा रहा है।

स्ट्रिंग ऑपरेशन में यह भी खुलासा हुआ कि
सट्टा संचालक ने 12 हजार रुपये महीने की तनख्वाह पर कर्मचारियों को रखा है,
और परदे के पीछे बैठे संचालकों को पुलिस का कोई खौफ नहीं है।

इतना ही नहीं, स्थानीय एमआईडीसी पुलिस थाने को इस पूरे अवैध कारोबार की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई के बजाय खानापूर्ति को तरजीह दी जा रही है।
आरोप यहां तक हैं कि यह अवैध कारोबार पुलिस के अभय और आशीर्वाद से चल रहा है।

एक तरफ ऑपरेशन थंडर की दुहाई,
दूसरी तरफ थानेदारों द्वारा उसी ऑपरेशन को खोखला किए जाने का आरोप —
यही वजह है कि अवैध कारोबारी बेखौफ होकर धंधा चला रहे हैं।

राजीव नगर इलाके में सिर्फ सट्टा ही नहीं,
गांजा बिक्री भी खुलेआम हो रही है।
क्राइम ऑपरेशन के पास मौजूद तस्वीर में साफ दिखता है कि एक महिला गेट के अंदर से ग्राहक को गांजे का पैकेट थमाते नजर आ रही है।

इस पूरे मामले में एमआईडीसी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गोकुल महाजन से प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन उन्होंने चुप्पी साध ली —जो कई सवाल खड़े करती है।

❓ बड़ा सवाल यह भी है कि
एमआईडीसी क्षेत्र में 53 लाख रुपये की एमडी जब्ती की कार्रवाई अचानक हुई थी या फिर पुलिस की पुख्ता नेटवर्किंग का नतीजा थी?
अगर नेटवर्क मौजूद है, तो फिर यह सट्टा और नशे का कारोबार कैसे बचा हुआ है?

अब सवाल नागपुर पुलिस आयुक्त से है —
क्या ऑपरेशन थंडर सिर्फ कागजों तक सीमित है?
या फिर एमआईडीसी थाना क्षेत्र में चल रहे इन अवैध धंधों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होगी?

क्राइम ऑपरेशन की यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट सिस्टम को आईना दिखाने के लिए काफी है।