गुनाहो का अंत....!

एमआईडीसी पुलिस थाना बना अवैध सट्टा कारोबारियों का सुरक्षित अड्डा?

  • एमआईडीसी पुलिस थाना बना अवैध सट्टा कारोबारियों का सुरक्षित अड्डा?

क्राइम ऑपरेशन-30 जनवरी, 26
क्राइम ऑपरेशन ब्युरो,

• “स्टिंग ऑपरेशन में बेनकाब हुआ ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टे का पूरा नेटवर्क”“

• खबर के बाद भी जारी रहा अवैध धंधा, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल”

• “जोन-1 में खुलेआम जुआ-सट्टा, डीसीपी के दावों की खुली पोल”

• ऑपरेशन थंडर कि उड रही धज्जीया… पीआई महजन मौन.

नागपुर- शहर में सट्टापट्टी पर सख्त प्रतिबंध होने के बावजूद एमआईडीसी पुलिस थाना क्षेत्र में अवैध ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सट्टा कारोबार खुलेआम फलता-फूलता नजर आ रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर क्राइम ऑपरेशन न्यूज़ ने जब जमीनी हकीकत की पड़ताल की, तो चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।

ऑनलाइन सट्टे का गुप्त अड्डा
एमआईडीसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत राजीव नगर स्थित एक बीयर बार एवं देशी शराब दुकान से सटे एक कमरे में बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टापट्टी का अवैध कारोबार बेखौप चल रहा हैं. इसकी जानकारी MIDC पुलीस को होने के बावजुद कोई कारवाई नही होने पर खुलेआम चल रहा हैं.
क्राइम ऑपरेशन की टीम ने जब मौके पर पहुंचकर पड़ताल की, तो परदे के पीछे चल रहा पूरा खेल सामने आ गया। कमरे में कई मशीनें व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाए गए थे, जिनके माध्यम से लोग हार-जीत का खेल खेलते नजर आए। सट्टा खेलते हुए
इस पूरे अवैध धंधे का स्टिंग ऑपरेशन भी किया गया

हैरानी की बात यह रही कि खबर प्रकाशित होने के बाद भी अगले एक महीने तक यह कारोबार बदस्तूर जारी रहा। इस अवैध धंदे कि जानकारी क्राइम ऑपरेशन द्वारा पुलिस निरीक्षक को दी गई
बाद में यह मामला एमआईडीसी पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक गोकुल महाजन के संज्ञान में क्राइम ऑपरेशन ने भेजे व्हाट्सएप के माध्यम से लाया गया।बावजुद पीआई महाजन ने कोई कारवाई नही कि.
उन्होंने मामले की दखल लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए लेकिन लिपापोथी कर, बाद उक्त स्थान पर ऑनलाइन सट्टा बंद कराया गया था.अवैध धंदा बंद हुआ या नही इसकी तहकीकत करने क्राईम ऑपरेशन कि टीम शुक्रवार दोपहर राजीव नगर जब अड्डे पर पहूँची तो ऑनलाइन सट्टा बंद किया गया था, लेकिन दुसरा धंदा खुलेआम चल रहा है इसकी जानकारी क्राइम ऑपरेशन को मिली वह धंदा जोन चौक पर होने की जानकारी प्राप्त हुई, जिसके बाद पुरी टीम जोन चौक पर पहुची,वह खुलेआम दंदा शुरु दिखाई दिया.

जोन चौक परिसर में खुलेआम सट्टा
हालांकि, यह अकेला मामला नहीं है। एमआईडीसी थाना क्षेत्र के जोन चौक परिसर में स्थित इंडियन पेट्रोल पंप, दि बॉस होटल, बीएमडब्ल्यू बीयर बार तथा पास की कबाड़ी दुकान के पीछे मैदान में बड़े पैमाने पर सट्टापट्टी और जुआ तास पत्ती का खेल खुलेआम चलाया जा रहा है।
क्राइम ऑपरेशन टीम ने शुक्रवार को यहां भी गुप्त स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसमें सैकड़ों लोग सट्टा लगाते नजर आए। टेबलों पर खुलेआम नकद राशि लगाई जा रही थी और कई लोग लाइन में बैठकर सट्टा लिखने का काम कर रहे थे।

पुलिस संरक्षण के गंभीर आरोप
सूत्रों के अनुसार यह सट्टा कारोबार किसी “अफसर” नामक व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा है और इसे एमआईडीसी पुलिस थाने का कथित संरक्षण प्राप्त है। आरोप है कि इन अवैध धंधों से पुलिस को हर महीने लाखों रुपये की अवैध कमाई होती है, इसी कारण इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।

नाम नही लिखने की शर्त पर एक सट्टे का कारोबार करने वाले व्यक्ति ने खुद बताया की थानेदार खुद कहता है कि किसी से डरने की जरूरत नही, बेखौफ अपना कारोबार जारी रखो, छोटे- मोठे पत्रकारो से मै निपट लूंगा, ऐसा दावा भी पुलिस निरीक्षक महाजन करता है, आखिर महाजन किसके बदौलत इतना उड़ रहा है, इसका मतलब एमआईडीसी पुलिस थाने के क्षेत्र में चल रहे अवैध धंदे पुलिस निरीक्षक इनके अभय और आशीर्वाद से चल रहे है यह सिद्ध हो गया है, वर्णा अवैध कारोबारियो का मनोबल इतना नही बढ़ता,

अधिकारियों के दावों पर सवाल
जोन क्रमांक-1 के डीसीपी ऋषिकेश रेड्डी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उनके क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध धंधा नहीं चलता। लेकिन जमीनी हकीकत उनके इन दावों को खोखला और बेबुनियाद साबित करती नजर आ रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि यह सब कुछ किसके आशीर्वाद से चल रहा है?

पुलिस आयुक्त की भूमिका पर निगाहें
अब सभी की निगाहें शहर के पुलिस आयुक्त रवींद्र सिंगल पर टिकी हैं—कि वे इन गंभीर आरोपों पर क्या संज्ञान लेते हैं और अवैध सट्टा, जुआ, मादक पदार्थों की बिक्री व अवैध शराब कारोबार पर क्या ठोस कार्रवाई करते हैं।
क्राइम ऑपरेशन ने एमआईडीसी पुलिस थाना क्षेत्र में सट्टापट्टी, जुआ अड्डे, मादक पदार्थों की बिक्री और अवैध शराब कारोबार लंबे समय से पुलिस की छत्रछाया में फल-फूल रहेने कि खबरें प्रकाशित कि हैं.

हो रहें कही घर बरबाद
सट्टा पट्टी व तास पत्ते के अवैध धंदे से चलाने वाले तो गब्बर हो रहें लेकिन खेलने वाले बरबाद हो रहें हैं. कही युवा इस खेल के जाल मे फसकर लाखों रुपये बरबाद कर रहें हैं. कही परिवार कि महिलाये परेशान हुई हैं. रोजमर्रा कि कमाई को सट्टे मे ढकेलने से परिवार दुःखी हो रहें हैं. बरबाद हो रहें परिवार को पुलिस बचा सकती हैं लेकिन वह नही बचा रही क्यों कि पुलीस कि जेब भरेगा कौन. अवैध धंदे से लाखों का करोबार होता हैं जिसमे PC से लेकर CP तक हिस्सा होने कि जानकारी हमारे सूत्र ने दि. सीपी साहब शहर मे चल रहें सारे अवैध धंदे बंद करें ऐसी मांग अब जन मानस मे उठ रही हैं.

अब देखना यह हैं कि शहर के CP बंद करते या युवाओ को, परिवार को बर्बाद करने वाले अवैध धंदे को बढावा देते…. अगले खबर मे और शहर के एक पुलीस स्टेशन मे हो रहें अवैध धंदे का खुलासा क्राईम ऑपरेशन टीम करेंगी..!