गुनाहो का अंत....!

नागपुर में पत्रकारों का प्रदर्शन: “विजय खवसे और मुकेश मोहन पर दर्ज मामले वापस लो”

नागपुर में पत्रकारों का प्रदर्शन: “विजय खवसे और मुकेश मोहन पर दर्ज मामले वापस लो”

क्राइम ऑपरेशन 4 अप्रैल 2026
क्राइम प्रतिनिधि:
नागपुर- संविधान चौक पर आज आयोजित पत्रकार संरक्षण आंदोलन में विभिन्न संगठनों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपना समर्थन व्यक्त किया। यह आंदोलन राकेश धारगावे के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें पत्रकारों पर हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारिता क्षेत्र पर लगातार हमले, झूठे मामले और दबाव की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय है। विशेष रूप से विजय खवसे और मुकेश मोहन के खिलाफ दर्ज मामलों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए, इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की गई।

आंदोलन के दौरान विभिन्न संगठनों ने स्पष्ट किया कि पत्रकार संरक्षण कानून को सख्ती से लागू किया जाए, झूठे मामलों को वापस लिया जाए और निष्पक्ष पत्रकारिता करने वालों को सुरक्षा प्रदान की जाए।
प्रदर्शन में यह भी आरोप लगाया गया कि रवींद्र सिंघल द्वारा व्यक्तिगत रंजिश के चलते विजय खवसे पर मामले दर्ज किए गए। साथ ही मांग की गई कि शिकायतकर्ता और विजय खवसे के पिछले 8 वर्षों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की जाए, जिसमें कथित तौर पर अवैध धंधों से जुड़े लोगों और पुलिस के बीच संपर्कों की भी जांच हो।
आंदोलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, संगठन और नागरिक शामिल हुए। “पत्रकार एकता जिंदाबाद” के नारों के साथ सभी ने पत्रकारों के अधिकारों के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
इस आंदोलन को नागपुर में पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन नेहाल पाटील, धीरज गणेर और अन्य साथियों द्वारा किया गया।