गुनाहो का अंत....!

शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता सूरज गोजे और पिता पर एट्रोसिटी सहित गंभीर मामला दर्ज

शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता सूरज गोजे और पिता पर एट्रोसिटी सहित गंभीर मामला दर्ज

क्राइम ऑपरेशन-27 दिसम्बर 25
क्राईम ऑपरेशन ब्युरो

•11 तोला सोने के गहने हड़पे जाने का आरोप
मनपा चुनाव से पहले शिंदे सेना संकट में
•गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस के शहर नागपुर में सनसनीखेज मामला
•नागपुर में दलित महिला के साथ कथित अन्याय

नागपुर महानगरपालिका चुनाव से ठीक पहले शिवसेना (शिंदे गुट) के नागपुर शहर अध्यक्ष सूरज गोजे और उनके पिता मोहन गोजे के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज होने से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। सोने के गहनों के नाम पर कथित आर्थिक ठगी, धमकी और SC/ST (एट्रोसिटी) एक्ट के तहत मामला सामने आया है।


गणेशपेठ पुलिस थाने में इस संबंध में ZERO FIR क्रमांक 007/2025 दर्ज की गई है, जिसे आगे की जांच के लिए हुडकेश्वर पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर किया गया है।
सोना गिरवी, पैसा लिया—न पैसा लौटा, न सोना
शिकायतकर्ता वैशाली घनश्याम चापरे (उम्र 44) के अनुसार, अगस्त 2020 से दिसंबर 2024 के बीच पारिवारिक जरूरतों के चलते आरोपियों के पास कुल 111.5 ग्राम (करीब 11 तोला) सोने के गहने गिरवी रखे गए। इसके बदले करीब 3 लाख रुपये लिए गए। शुरुआत में ब्याज दिया गया, लेकिन बाद में न तो रकम लौटाई गई और न ही सोना वापस किया गया


धमकी का आरोप
शिकायत में आरोप है कि पैसे और सोना मांगने पर सूरज गोजे और उनके पिता ने जान से मारने की धमकी दी। कथित तौर पर कहा गया—
“ज्यादा बोली तो तुझे और तेरे परिवार को खत्म कर देंगे।”
पीड़िता का दावा है कि राजनीतिक रसूख का हवाला देकर दबाव बनाया गया।


गंभीर धाराएं लागू
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ
अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम,
BNS 2023 की धाराएं 296, 316(2), 318(4), 351(2),
महाराष्ट्र सावकारी (नियमन) अधिनियम, 2014
के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
राजनीतिक हलकों में उबाल
मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता का नाम सामने आने से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आरोप है कि सत्ताधारी दल से जुड़े होने का लाभ उठाकर ठगी, अवैध सावकारी और धमकी दी गई।
पुलिस का बयान
गणेशपेठ थाने के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया—
ZERO FIR दर्ज कर ली गई है। मामले की गहन जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
बड़े सवाल
क्या सत्ताधारी दल का रसूख लेकर आम नागरिकों से ठगी हुई?


पीड़ित को न्याय कब मिलेगा?
क्या पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करेगी?
जनता की निगाहें गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर टिकी हैं। वहीं, शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी खुद को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का करीबी बताकर दबाव बनाते रहे।


नागपुर में सोना–सावकारी–राजनीतिक दबाव की इस कथित त्रिसूत्री ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है।