वरिष्ठ अधिकारियों के दावों की हवा निकल गई!
यशोधरा नगर में खुलेआम बिक रही अवैध दारू, पुलिस नियंत्रण फेल
क्राइम ऑपरेशन-7 जनवरी 2026
नागपुर शहर में अवैध दारू के बढ़ते कारोबार पर पुलिस प्रशासन का नियंत्रण पूरी तरह ढहता नजर आ रहा है। पुलिस आयुक्त द्वारा अवैध धंधों पर सख्त कार्रवाई के बार-बार किए गए दावों के बावजूद हकीकत इसके ठीक उलट दिखाई दे रही है।
यशोधरा नगर पुलिस थाने की हद में अवैध गावरानी और देशी दारू का कारोबार बेखौफ, बेधड़क और खुलेआम फल-फूल रहा है। हालत यह है कि पहले गिनती के लोग यह धंधा करते थे, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता और कथित संरक्षण के चलते अब इनकी संख्या सैकड़ों के पार पहुंच चुकी है।

मंगलवारी इलाका बना गावरानी दारू का गढ़
मंगलवारी गुजरी, पोले का मैदान, कांजीहाउस, इंदिरा माता नगर, संजय गांधी नगर, धम्मदीप नगर, फूकट नगर, नागसेन वन, विनोभावे नगर, संतोष नगर, यशोधरा नगर चौक, लालझेंडा चौक, शीतला माता चौक और शिवाजी नगर चौक—
इन सभी इलाकों में सालों से अवैध दारू की खुलेआम बिक्री जारी है।
शाम ढलते ही इन इलाकों में दारू पीने वालों का मेला लग जाता है। दारू के साथ-साथ चकना बेचने वाले ठेले भी सड़कों पर सज जाते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है। मेहंदीबाग रेलवे फाटक से कांजीहाउस चौक तक पहुंचने में घंटों लग जाते हैं।
कार्रवाई पीने वालों पर, धंधा करने वाले बेफिक्र

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस दारू विक्रेताओं पर कार्रवाई करने के बजाय कांजीहाउस चौक पर डेरा डालकर सिर्फ दारू पीने वालों पर दिखावटी कार्रवाई करती है, जबकि असली कारोबारी बेखौफ अपना धंधा जारी रखते हैं।
थाने के पीछे ही फल-फूल रहा अवैध कारोबार

चौंकाने वाली बात यह है कि यशोधरा नगर पुलिस थाने के ठीक पीछे ही 10 से 15 अवैध दारू विक्रेता सक्रिय हैं, लेकिन उन पर कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
स्थानीय लोग इनसे परेशान हैं, मगर शिकायत करने की हिम्मत इसलिए नहीं करते क्योंकि आरोप है कि पुलिस ही शिकायतकर्ता का नाम दारू विक्रेताओं तक पहुंचा देती है, जिससे विवाद और डर का माहौल बन जाता है।
हत्या के बाद भी नहीं छुटा अवैध धंधा
लॉकडाउन के दौरान धम्मदीप नगर में अवैध दारू के विवाद में एक व्यक्ति की हत्या तक हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद वह अवैध धंधा आज भी बेरोकटोक जारी है। यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर पुलिस किस घटना का इंतजार कर रही है?

ऑपरेशन थंडर बना कागजी जुमला?
पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा ऑपरेशन थंडर जमीनी स्तर पर सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। आरोप है कि थानों द्वारा झूठी कार्रवाई रिपोर्ट देकर वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है।
नए निरीक्षक से थी उम्मीद, लेकिन…
नए पुलिस निरीक्षक संदीप बुआ के आने के बाद अवैध दारू, सट्टा और मादक पदार्थों पर लगाम की उम्मीद जगी थी, लेकिन फिलहाल कार्रवाई ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है।
यदि नए निरीक्षक शाम के समय मंगलवारी गुजरी, पोले का मैदान और थाने के पीछे के इलाकों का खुद निरीक्षण करें, तो यशोधरा नगर की असल तस्वीर उनके सामने आ सकती है।

सवाल सीधा है—
क्या वरिष्ठ अधिकारी इस खुलेआम चल रहे अवैध कारोबार पर संज्ञान लेंगे?
या फिर दावे ही होते रहेंगे और ऑपरेशन थंडर सिर्फ जुमला बनकर रह जाएगा?
अब देखना यह है कि यशोधरा नगर में कानून का राज कब कायम होगा, या अवैध दारू माफिया यूं ही बेखौफ चलता रहेगा।
