सात किलो एमडी ड्रग्स जब्त, तस्कर गिरफ्तार!
उप्पलवाड़ी के फ्लैट को बना रखा था ‘धंधे’ का अड्डा
6.80 करोड़ की खेप ने उड़ाए पुलिस के होश
क्राइम ऑपरेशन-1 जुन 2026
लंबे समय बाद नशे के कारोबार पर बड़ी चोट, कपिलनगर क्षेत्र में जरीपटका पुलिस की दबिश
नागपुर- संतरानगरी में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जरीपटका पुलिस के डीबी स्क्वॉड ने करीब 7 किलोग्राम एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स पाउडर जब्त किया है। बरामद ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय – बाजार में कीमत करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपए बताई जा रही है। इसे शहर में लंबे समय बाद ड्रग्स के खिलाफ हुई सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
थाने को भनक नहीं
चौंकाने वाली बात यह है कि कपिलनगर पुलिस थाना क्षेत्र के उप्पलवाड़ी स्थित एसडीपीएल फ्लैट में पूरी कार्रवाई जरीपटका पुलिस थाने के डीबी स्क्वॉड ने की। डीबी स्क्वॉड के अधिकारी आशीष मोरखड़े और उनकी टीम ने यह बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मजहर अली अकबर अली (32), निवासी टेका नई बस्ती, पांचपावली के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी उप्पलवाड़ी के एक किराए के फ्लैट में अपनी महिला मित्र के साथ रह रहा था। इसी फ्लैट को उसने कथित तौर पर नशे के कारोबार का सुरक्षित ठिकाना बना रखा था। इससे क्षेत्र की पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। बताया जाता है कि अजहर अली को उत्तर प्रदेश से कोई तस्कर माल सप्लाई करता था। वह अपने घर में कम, एसडीपीएल के फ्लैट में ज्यादा रहता था।
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस सूत्रों के अनुसार जरीपटका – थाने के डीबी स्क्वॉड को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि शहर में बड़े पैमाने पर एमडी ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है। टीम ने कई दिनों तक गोपनीय निगरानी की। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर पुलिस ने फ्लैट पर दबिश दी। तलाशी के दौरान जब पैकेटों की जांच की गई तो पुलिस के भी होश उड़ गए। करीब 7 किलो एमडी ड्रग्स बरामद हुई। इतनी बड़ी मात्रा में एमडी की बरामदगी ने यह संकेत दिया है कि आरोपी केवल स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह खेप नागपुर तक कहां से पहुंची और इसे आगे किन शहरों या राज्यों में भेजा जाना था। बताया जाता है कि करीब 10 दिन पहले पुलिस ने एक तस्कर को पकडा था, उसकी निशानदेही पर ही जरीपटका पुलिस ने इस तस्कर को धर-दबोचा।
निशाने पर युवा
एमडी ड्रग्स को अत्यंत खतरनाक सिंथेटिक नशीला पदार्थ माना जाता है। इसकी मांग युवाओं में तेजी से बढ़ रही है और पार्टी कल्चर के नाम पर इसका अवैध कारोबार लगातार फैल रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि यह खेप बाजार तक पहुंच जाती तो बड़ी संख्या में युवक-युवतियां इसकी गिरफ्त में आ सकते थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि करीब 7 किलो एमडी से हजारों खुराक तैयार की जा सकती हैं।
जांच के घेरे में महिला मित्र
पुलिस अब आरोपी के साथ रहने वाली महिला मित्र की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसे फ्लैट में रखे गए करोड़ों रुपए के नशीले पदार्थ की जानकारी थी या नहीं। इसके अलावा फ्लैट किराए पर लेने की प्रक्रिया, वहां आने-जाने वाले लोगों और आरोपी के आर्थिक स्रोतों की भी पड़ताल की जा रही है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी का संबंध किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क से हो सकता है। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, बैंक लेन-देन, संपर्क सूत्रों और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल 6.80 करोड़ रुपए मूल्य की एमडी ड्रग्स जब्त कर पुलिस ने नशे के कारोबारियों की कमर तोड़ने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है।
