गुनाहो का अंत....!

महिला मित्र की दगाबाजी से खुला करोड़ों के ड्रग्स का राज! प्रेम, धोखा और 7.5 किलो एमडी का काला कारोबार

महिला मित्र की दगाबाजी से खुला करोड़ों के ड्रग्स का राज! प्रेम, धोखा और 7.5 किलो एमडी का काला कारोबार

क्राइम ऑपरेशन | 2 जून 2026

• नागपुर के इतिहास की सबसे बड़ी ड्रग्स कार्रवाई में नया खुलासा
• प्रेम संबंधों में आई दरार बनी करोड़ों के नशे के कारोबार की कमजोरी
• 15 दिन तक पुलिस की गुप्त निगरानी के बाद हुआ बड़ा पर्दाफाश
• उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक फैला हो सकता है ड्रग्स नेटवर्क

नागपुर : उप्पलवाड़ी स्थित एक फ्लैट से करीब 7.5 किलो एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स की बरामदगी के मामले में अब एक ऐसा पहलू सामने आया है, जिसने पूरे प्रकरण को और अधिक सनसनीखेज बना दिया है।

सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मजहर अली अकबर अली (30), निवासी आजाद नगर टेका नाका, ने एक युवती को शादी का झांसा देकर प्रेम संबंध बनाए थे। बाद में युवती को पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है। इसके बाद दोनों के संबंधों में खटास आ गई और चर्चा है कि इसी नाराजगी ने करोड़ों के ड्रग्स कारोबार का पर्दाफाश कर दिया।

हालांकि नागपुर पुलिस ने आधिकारिक रूप से इस दावे की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पर लगभग 15 दिनों तक गुप्त निगरानी रखी गई थी और तकनीकी व खुफिया जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

2.37 करोड़ का माल जब्त, नागपुर की सबसे बड़ी ड्रग्स कार्रवाई

पुलिस आयुक्त डॉ. रवींद्र कुमार सिंगल ने पुलिस भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में बताया कि जरीपटका पुलिस ने उप्पलवाड़ी स्थित एसडीपीएल आश्रय इमारत के फ्लैट नंबर 103 पर छापा मारकर आरोपी के कब्जे से लगभग 7.5 किलो एमडी ड्रग्स, दो मोबाइल फोन और एक सोनेट कार सहित कुल 2.37 करोड़ रुपये का माल जब्त किया है। पुलिस के अनुसार यह नागपुर में अब तक की सबसे बड़ी एमडी ड्रग्स जब्ती की कार्रवाई मानी जा रही है।

उत्तर प्रदेश से नागपुर तक फैला नेटवर्क

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे यह ड्रग्स उत्तर प्रदेश के एक सप्लायर से मिला था। जांच में सामने आया है कि नशे की खेप नई दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा मध्यप्रदेश होते हुए नागपुर पहुंचाई गई थी। पुलिस की विशेष टीमें उत्तर प्रदेश और नई दिल्ली रवाना की गई हैं, जहां सप्लायरों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

ड्रग्स का ‘सेफ हाउस’ बना था फ्लैट?

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने करीब एक वर्ष पहले उप्पलवाड़ी स्थित एसडीपीएल आश्रय इमारत का फ्लैट किराए पर लिया था। स्थानीय लोगों के अनुसार वह नियमित रूप से वहां आता-जाता था और एक महिला भी उसके साथ रहती थी।
पुलिस को संदेह है कि यह फ्लैट केवल रहने के लिए नहीं, बल्कि ड्रग्स छिपाने, पैकिंग करने और स्थानीय पेडलरों तक सप्लाई पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि बरामद ड्रग्स एक ही बार में नहीं लाई गई थी, बल्कि पिछले कई महीनों में अलग-अलग खेपों के रूप में जमा की गई थी।

टैक्सी चालक बना पुलिस का मुखबिर

मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पिछले महीने ड्रग्स तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार किए गए एक टैक्सी चालक ने पूछताछ के दौरान मजहर अली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी थी।
बताया जाता है कि आरोपी पहले स्वयं टैक्सी चलाता था और इसी कारण उसका संपर्क कई चालकों से था। पुलिस को मिली इस सूचना के बाद विशेष टीम ने उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और आखिरकार करोड़ों रुपये के ड्रग्स कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया।

क्या आने वाली थी एक और बड़ी खेप?

जांच एजेंसियों को आशंका है कि नागपुर में जल्द ही एमडी ड्रग्स की एक और बड़ी खेप पहुंचने वाली थी। त्योहारों और वितरण नेटवर्क की सुस्ती के कारण वह खेप अभी तक सक्रिय रूप से बाजार में नहीं पहुंच पाई थी।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर नागपुर में करोड़ों रुपये का यह जहर किन-किन इलाकों और किन लोगों तक पहुंचाया जा रहा था।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नागपुर केवल उपभोक्ता बाजार था या फिर पूरे विदर्भ में ड्रग्स सप्लाई का बड़ा ट्रांजिट हब बन चुका है? इस सवाल का जवाब आने वाली जांच में सामने आ सकता है।